हसीन सुनहला एक तारा टूूूटा दूर गगन में देेेखो। हसीन सुनहला एक तारा टूूूटा दूर गगन में देेेखो।
जिंदगी का खेल भी शतरंज की बिसाख पर है बिछा पड़ा जिंदगी का खेल भी शतरंज की बिसाख पर है बिछा पड़ा
शैतानी देख कहती, खाना अब न दूँगी तुझे, फिर मार मार के माँ का खिलाना अच्छा लगता है. शैतानी देख कहती, खाना अब न दूँगी तुझे, फिर मार मार के माँ का खिलाना अच्छा लगता ह...
मिल जाएं अगर तुमसे बेहतर चंद लम्हों में आशिक बदलता है। मिल जाएं अगर तुमसे बेहतर चंद लम्हों में आशिक बदलता है।
Poem describes the torn up world of ours. Poem describes the torn up world of ours.
फिर जीने की वजह भी दे जाती है ज़िंदगी ,हौसलों को नई उड़ान दे जाती है ज़िंदगी .गिर के सँभलना सिखा जाती ... फिर जीने की वजह भी दे जाती है ज़िंदगी ,हौसलों को नई उड़ान दे जाती है ज़िंदगी .गिर ...